Aladin : the real story

          Aladin : the real story

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          अलादीन बारे में काफी कहानियां सुनी होगी पर क्या आपने notice किया है कि सब एक जैसी कहानी नहीं सुनाते।
          तो आज आप लोगो को में असली कहानी कहूंगा। 
                 तो शुरू करते है।
       

       एक लड़का जो दूसरो के बईमानी के पैसे चोरी करता था पर उसका दिल बहोत साफ था। उसके पास कोई दोस्त नहीं था बस एक बंदर था जो उसको चोरी में मदद करता था। उस लड़के का नाम अलादीन था।
      
    अलादीन उस वक्त बगदाद में रहा करता था। वहा पे बादशाह का वजीर जिसका नाम जाफर था। उस ने अलादीन को देख लिया। वो कीस तरह से चोरी करता और किस तरह के बचके निकलता वो जाफर ने देख लिया। उन दिनों बादशाह की लड़की जिसका नाम जैस्मीन था। वो बगदाद का हाल देखने किसी को बताए  बिना निकली थी। वह पे अलादीन की मुलाकात जैस्मीन से हुई। वो भी एक साफ दिल की थी। थोड़ी ही मुलाकात में अलादीन उस लड़की को दिल दे बैठा। ये सब जाफर देख रहा था।
   उन दिनों जाफर एक चिराग के पीछे पड़ा था। वो चिराग एक गुफा में सुरक्षित रखा हुआ था। वहा पे जाना खतरे से खाली नहीं था। उसने अलादीन को वहा पे भेजने का सोचा और अलादीन को बग़दाद के बाहर रेगीस्तान में बुलाया। उसने अलादीन को सारी सच्चाई बताए की वो जैस्मीन बादशाह की बेटी है और फिर उसको पैसे की लालच में फसा लिया। 
     अलादीन वहा जाने के लिए तैयार हुआ तब जाफर ने एक बात बताई कि गुफा मे से कोई भी चीज मत उठाना। 

    अलादीन और उसका बंदर गुफा में जाने के लिए रवाना हुए। गुफा के अंदर गए तो चारों तरफ सोना-चांदी , हीरे बिखरे हुए थे। तभी अलादीन की नजर एक कालीन पर पड़ी वो कालीन एक पत्थर के नीचे फसी हुई थी। अलादीन ने वहा से उसको निकाला फिर वो कालीन को अलादीन पसंद आ गया।अलादीन ने वो चिराग देखा और दूसरी तरफ उसके बंदर ने एक चमकदार हीरा उठालिया फिर पूरी गुफा हिलने लगी और वो सब वहा गुफा में फस गए। 
  
  
 अलादीन ने जब चिराग में से लगी हुई रेत हटाए तो उसमे से बड़ा जीन निकला और बोला "क्या हुकम है मेरे आका"
जीन ने अलादीन को समझाया कि में सिर्फ तुम्हारी ३ शर्त पूरी कर सकता हूं। तब अलादीन ने पहेली शर्त रखी कि तुम हमको इस गुफा में से बाहर निकालो। जीन ने अलादीन को चुटकी में बाहर निकाला फिर दूसरी शर्त ये रखी की मुझे राजा बना दो क्युकी वो फिर जैस्मीन से सादी कर सके। तो जीन ने उसे राजा बना दिया जैसे उसको कोई पहेचाने नहीं फिर वो सब बगदाद की तरफ रवाना हुए। तब तक जीन और अलादीन दोस्त बन गए थे।
     वहा उन्होंने जाकर बादशाह से उसकी बेटी का हाथ मांगा। जैस्मीन उसे पहेचान नहीं पाई और उसने ना कह दिया फिर रात को अलादीन रानी को मिलने छुपके से गया और सारी सच्चाई बता दी। जाफर का तोते ने सारी सच्चाई जाफर को बता दी और जाफर ने वो चिराग अलादीन से चुरा लिया। 
 
   
   अब जीन का आका जाफर था। जाफर ने जीन के पास पहेली शर्त में बगदाद का राजा बनने की मांगी। दूसरी शर्त में उसने जीन से कहा कि मेरे पास जादुई शक्ति मिल जाए। जीन मजबुर था उसने वो शर्त भी पूरी की। 

   बादमे अलादीन ने जाफर को बातो में उलझाया कि सबसे ताकतवर जीन होते है तुम जीनो का मुकाबला नहीं कर पाओगे। तब जाफर ने जीन के पास आखरी शर्त कहीं की " तुम मुझे जीन बना दो " और तब जीन ने जाफर को भी जीन बना दिया जाफर नहीं जानता था कि जीन तब ही जादू कर सकते थे जब उसके आका उसे हुकम दे। जीन ने जाफर को चिराग में बंद कर दिया फिर अलादीन वापस से जीन का आका बन गया और उसकी आखरी शर्त अभी खत्म नहीं हुई थी। आखरी शर्त मे उसने जीन से कहा कि "तुम आजाद हो जाओ तब अचानक जीन के हाथ में से जादुई कवच छूट गया और वह इंसान बन गया। 
    

      और अंत में बादशाह ने अलादीन की सादी जैस्मीन से करवा दी।।


          

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